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चंद्रमा पर जिस जगह उतरना था चंद्रयान-2, ग्रंथों ने उसे माना है पितरों का स्थान

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  चंद्रमा पर जिस जगह उतरना था चंद्रयान-2, ग्रंथों ने उसे माना है पितरों का स्थान   2 वर्ष पहले वेद, ज्योतिष और अन्य धर्मग्रंथों में चंद्रमा का सबसे ज्यादा उल्लेख जीवन मंत्र डेस्क.  https://dainik-b.in/cG6mQ7nCo5        भारतीय धर्म शास्त्रों में चन्द्रमा के विषय में जितना अधिक वर्णन मिलता है, उतना अन्यत्र किसी भी ज्ञानकोष में नहीं है। चंद्रमा के जिस दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-2 को उतरना था, हमारे शास्त्रों ने उसे पितरों की भूमि माना है। चंद्रमा के उस छोर पर जो हमें दिखाई नहीं देता, यानी दक्षिणी ध्रुव, वहां 15 दिन अंधेरा, 15 दिन उजाला होता है। हमारा ज्योतिष विज्ञान कितना उन्नत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आधुनिक विज्ञान आज भी चंद्रमा पर पानी और बर्फ की खोज कर रहा है लेकिन हमारे ज्योतिष विज्ञान में चंद्रमा को जलतत्व का कारक ग्रह कहा गया है।       महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के ज्योतिर्विज्ञान के असि. प्रो. उपेंद्र भार्गव के मुताबिक चन्द्रमा को ध्यान में रखकर हमारे धर्मशास्त्रीय विधान, जप, ...